प्यार क्यों होता है | pyar kyo hota hai | प्यार

हेल्लो दोस्तों आज मई आपके लिए लाया हूँ की प्यार क्यों होता है। कुछ हमारे दोस्तों ने ये सावल पूछा है की प्यार क्यों होता है।

                               प्यार क्यों होता है 

कुछ प्यार करने वालो से पूछा गया है की प्यार क्यों होता है? और कैसा लगता है?तो उन लोगो का जबाब था की वो हजार चीज़ अच्छी लगने लगती है जो आप कभी पसंद न करते हो। प्यार का एक एहसास भावना है। प्रेम हर परंपराय तोड़ता है 



प्रेम सबसे पहले आँखो से होता है और फिर होठ से दिल की बात बयाँ करते है और हमारी सबसे मज़ेदार बात ये होती है की आपको प्यार कब और कैसे और कहा हो जायेगा आप खुद भी नहीं जान पायो गए। वो तो पहली नज़र में भी हो सकता है और हो सकता है की कई मुलाकातों में भी आपके दिल में किसी के प्रति न जगा सके।

प्रेम का प्रतिक गुलाब - सुगंध और सौन्दर्य का अनुपम समय से गुलाब सदियों से प्रेमी-प्रेमिकाओ के आकर्षण का केंद्र रहा है। गुलाब का जन्म स्थान कहा है यह आज भी विवाद का विषय बना हुआ है। 

लाल गुलाब की कमी मासूमियत का प्रतिक है और यह सन्देश देती है तुम सुन्दर और प्यारी हो। लाल गुलाब किसी को भेट किया जाये तो यह संदेश है की मैं तुम्हे प्यार करता है। सफ़ेद गुलाब गोपनीयता रखते हुए कहता है की तुम्हरा सौंदर्य करता है। गुलाब यदि दोस्ती का प्रतिक है तो गुलाब की पत्तिया आशा का प्रतिक है। 

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